म्हारी जसोल गढ़ री माँ दर्शन दीजो माजीसा भजन

म्हारी जसोल गढ़ री माँ दर्शन दीजो,

दोहा – भटियाणी को ध्यावसी,
ओर होसी आनंद उत्साह,
हाथ जोड विनती करूँ,
मै पडू मैया थारे पाँव।

म्हारी जसोल गढ़ री माँ दर्शन दीजो,
मै तो आयो थारे द्वार किरपा किजो,
थारे गले मे नवसर हार दर्शन दीजो,
अरे दूर बैठा देश मे माँ,
किजो म्हारी सहाय हेलो सुनजो,
जसोल गढ़ री माँ दर्शन दीजो जी ओ जी।।

अरे आपरे दर्शन कारणे,
मैं आयो जसोल गाँव हेलो सुनजो,
मै आयो जसोल गाँव दर्शन दीजो,
म्हारी माँ भटियाणी आप अरजी सुनजो,
अरे आयो थारे द्वार किरपा किजो जी ओ जी।।

अरे लोग केवे म्हाने बांजीयो,
देदो नेणो बाल हेलो सुनजो,
थे जोगीदा अवतार हेलो सुनजो,
अरे मालानी री राय अरजी सुनजो जी ओ जी।।

ढोल नगाडा बाजता थारे,
झालर री झनकार दर्शन दीजो,
म्हारी जसोल गढ़ री माँ किरपा किजो,
थारे गले में नवसर हार दर्शन दीजो,
अरे आया थारे द्वार दर्शन दीजो जी ओ जी।।

अरे घेवर माली री विनती,
म्हाने राखो चरना माय दर्शन दीजो,
मै तो आयो थारे द्वार हेलो सुनजो,
म्हारी माजीसा भटियाणी हेलो सुनजो,
जसोल गढ़ री राय हेलो सुनजो जी ओ जी।।

म्हारी जसोल गढ़ री मां दर्शन दीजो,
मै तो आयो थारे द्वार किरपा किजो,
थारे गले मे नवसर हार दर्शन दीजो,
अरे दूर बैठा देश मे माँ,
किजो म्हारी सहाय हेलो सुनजो,
जसोल गढ़ री माँ दर्शन दीजो जी ओ जी।।

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