राठौडी राजा ने ध्यावे ओ सवाईसिंहजी ने ध्यावे

राजस्थानी भजन राठौडी राजा ने ध्यावे ओ सवाईसिंहजी ने ध्यावे
गायक – हर्ष जी माली।

राठौडी राजा ने ध्यावे,
ओ सवाईसिंहजी ने ध्यावे,
ज्योरा राठोड़ी राजा ने ध्यावे,
ओ सवाईसिंहजी ने ध्यावे,
ज्योरा संकट कोनी रेवे,
दुखडा कोनी रेवे,
मालानी धरती रा साचा भोमिया,
धोरा री धरती रा साचा भोमिया।।

मारवाड़ शूरो री धरती,
मारवाड़ शूरो री धरती,
मारवाड़ शूरो री ओ,
मारवाड़ शूरो री धरती,
गायो री वारो मे जावे,
गायो री वारो मे जावे,
मालानी धरती रा साचा शूरमा,
मालानी धरती रा साचा भोमिया।।

मालानी रा वीर भोमिया,
मालानी रा वीर भोमिया,
सवाईसिंहजी केवावे,
सवाईसिंहजी केवावे,
मेना सु छुडावे गाया लायदी,
मेना सु छुडावे गाया लायदी।।

लडता लडता प्राण त्यागीयो,
लडता लडता प्राण त्यागीयो,
अमर नाम हो जावे,
अमर नाम हो जावे,
जसोल री माजीसा रे साथे पूजीया,
जसोल री माजीसा साथे पूजीया।।

चौदस वाली रात भोमिया,
चौदस वाली रात भोमिया,
ओ चौदस वाली रात भोमिया,
जगमग ज्योता सवावे,
जगमग ज्योता सवावे,
केसर री असवारी वेगा आविया।।

हेत प्रेम सु ध्यावे कोई,
हेत प्रेम सु ध्यावे कोई,
हेत प्रेम सु ध्यावे ओ,
हेत प्रेम सु ध्यावे कोई,
मनवाचित फल पावे,
मनवाचित फल पावे,
हर्ष माली तो चरना गावीया,
हर्ष माली तो चरना गावीया।।

राठोड़ी राजा ने ध्यावे,
ओ सवाईसिंहजी ने ध्यावे,
ज्योरा राठौडी राजा ने ध्यावे,
ओ सवाईसिंहजी ने ध्यावे,
ज्योरा संकट कोनी रेवे,
दुखडा कोनी रेवे,
मालानी धरती रा साचा भोमिया,
धोरा री धरती रा साचा भोमिया।।

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