रूण झुण बाजे घुँघरा रामदेवजी भजन लिरिक्स

रूण झुण बाजे घुँघरा,
कोई रूण झुण बाजे घुँघरा,
घोड़े रा बाजे पोड़ जी,
लीले री असवारी आवे,
आवे रामा पीर जी हो जी हो जी।।

अरज करा अजमाल रा,
कोई अरज करा अजमाल रा,
साधा धणी पुकार जी,
रामसरोवर आपरो जी,
अलख करा उपकार जी हो जी हो जी।।

कोई दूर देश रा जातरी,
कोई दूर देश रा जातरी,
थारो मेळो भरे भरपूर जी,
दुखिया ने सुखिया करो रामा,
मुख पर बरसे नूर जी हो जी हो जी।।

पिछम धरा रे मार्गा,
कोई पिछम धरा रे मार्गा,
एक अलबेलों असवार जी,
लिलो हि से धरती धुजे,
लुळ लुळ करा ज्वार जी हो जी हो जी।।

कोई हरजी भाटी री विनंती,
बाबा हरजी भाटी री विनंती,
बाबा थे म्हारा मायर बाप जी,
नुगरा ने सुगरा करो बाबा,
घट में बरसे नूर जी हो जी हो जी।।

रूण झुण बाजे घुँघरा,
कोई रूण झुण बाजे घुँघरा,
घोड़े रा बाजे पोड़ जी,
लीले री असवारी आवे,
आवे रामा पीर जी हो जी हो जी।।

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