रूण झूण रूण झूण बाजे घूघरा घोङे रा घमसाण रे

रूण झूण रूण झूण बाजे घूघरा,
घोङे रा घमसाण रे,
हेले रे हाजिर आवे,
रूणिचे रा रामदेव।।

भादूङा री बीज ने आया,
उंडू काशमिर मांई ओ,
थाटी खेजङी बणयो देवरो,
दुनिया दर्शन आवे।।

बङा वीरमदेव छोटा रामदेव ,
अजमल आंगण आया ओ,
लाछा सुगणा बहिन आपरे,
मईया रे मन भाया।।

अजमल जी ने दियो परचो,
मेणादे जी रे आया ओ,
कूंकू पगलिया मांड आंगणिये,
दूध आप ढबायो।।

तुर्रा किलंगी सोवे थाने,
लीला री असवारी ओ,
भगता रे बाबो बेले आवे,
हेले हाजिर आवे।।

पैदल पैदल आवे देवरे,
नाचे गावे थारे ओ,
डीजे रा धमिङा बाजे,
रूणिचे रा मार्गा।।

रमेश सारण है बाङमेर वासी,
गुण थारा गावे ओ,
भगता री बाबा अर्जी सुणजो,
चरणा थारी आवे।।

रूण झूण रूण झूण बाजे घूघरा,
घोङे रा घमसाण रे,
हेले रे हाजिर आवे,
रूणिचे रा रामदेव।।

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