रे लो ए रामापीर रो रूडो लागे धाम रे रणुजो

राजस्थानी भजन रे लो ए रामापीर रो रूडो लागे धाम रे रणुजो
गायक – चुन्नीलाल जी राजपुरोहित।

रे लो ए रामापीर रो,
रूडो लागे धाम रे रणुजो,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो,
रे लो पैदल पैदल यात्री,
आवे रे रणुजे,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो,
रे लो धोली धोली ध्वजा,
धणी रे चाढे रे रणुजे,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो रे लो।।

रे लो आंधला ने पांगला,
आवे रे रणुजे,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो,
रे लो ए आंधला ने आखीया,
देवे रे रामापीर,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो,
रे लो ए पांगला ने पगलीया,
देवे रे रामापीर,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो।।

रे लो ए बांज्या तो आवे,
थोरे द्वार रे,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो,
रे लो ए बांज्या रा पालना,
झुलावे रे,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो,
रे लो ए पिछम धरा मे,
देवरो रामापीर,
ए रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो।।

रे लो ए लीले री असवारी,
थोरे सोवे रे रामापीर,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो,
रे लो ए हरजी भाटी री,
थाने विनती रामापीर,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो,
रे लो ए सेवको ने,
चरनो मे राखो रामापीर,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो,
रे लो ए रामापीर रो,
रूडो लागे धाम रे रणुजो,
रामापीर रा मन्दिर,
मोरलो बोल्यो।।

This Post Has One Comment

Leave a Reply