ले ले सुवा हरी नाम नाम लिया तिर जासी भजन लिरिक्स

ले ले सुवा हरी नाम,
नाम लिया तिर जासी,
भज पंछी भगवान,
काया थारी है काची,
ले ले सुवा हरि नाम,
नाम लिया तिर जासी।।

सिवरू शारदा मात,
शारदा तू शांची,
लागू गूरू जी रे पांव,
गुरु पोती बाँची,
ले ले सुवा हरि नाम,
नाम लिया तिर जासी।।

कूण थारो मां और बाप,
कूण थारो संग साथी,
कूण देवला आदर भाव,
कूण आगो लेसी,
ले ले सुवा हरि नाम,
नाम लिया तिर जासी।।

सत मारो माय र बाप,
धरम मारो संग साथी,
गुरु देला आदर भाव,
अलग आगो लेसी,
ले ले सुवा हरि नाम,
नाम लिया तिर जासी।।

सौ मण उल्जो सूत,
सूत कूण सलजासी,
गुरु महारा चतुर सुजान,
जुगत कर सुलजासी,
ले ले सुवा हरि नाम,
नाम लिया तिर जासी।।

माटी की गणगौर,
गागरो गम काशी,
ओढण दिखनी रो चीर,
बजारा रम जासी,
ले ले सुवा हरि नाम,
नाम लिया तिर जासी।।

बोल्या पूर्ण दास,
गुरु मिल्या रविदासी,
बैठा है आसन ढाल,
भजन में लिव लागी,
ले ले सुवा हरि नाम,
नाम लिया तिर जासी।।

ले ले सुवा हरी नाम,
नाम लिया तिर जासी,
भज पंछी भगवान,
काया थारी है काची,
ले ले सुवा हरि नाम,
नाम लिया तिर जासी।।

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