शूरवीर भोमियाजी राजस्थानी भजन लिरिक्स

ूरवीर भोमियाजी भजन,

हे बीरा रे सिवरू देवी शारदा,
मै तो निव निव ागू पाव,
भोमियाजी शरणे थारी आवियो,
म्हारा पूर्ण किजो काम भोमियाजी,
संकट सगला ही मेट जो रे

हे बीरा रे ऊंचो मन्दिर देवरों है कोई,
जगमग जागी ज्योत भोमियाजी रो,
परचो चारों ही खूट मे थारो,
नवखंड चावो है नाम भोमियाजी,
दर्शन म्हाने देवजो रे।।

हे बीरा रे परचा जग में मोकला,
ज्यारो काई काई करा मै बखान,
भोमियाजी आंधा ने दे आँखीया,
एतो लूला ने देवे पाँव शूरमा,
याद करो उन वार मे रे।।

हे शूरमा गाया लाया घेरने थेतो,
दिया मेणा ने मार भोम,
गद गद हो गई गुजरी ज्यारो,
दीनो कारज सवार भोमियाजी,
गुण गावा सब आपरा रे।।

ओ भोमिया बांजन सिवरे आपने,
ज्याने देवो नैना बाल शूरमा,
घर बंधावो पालनो लेवो,
अबला ने सम्भाल शूरमा,
साचा जग रा देवता रे।।

हे बीरा रे इन कलजुग रे मायने,
एतो प्रगट पूर्ण है देव भोमियाजी,
निर्धन सिवरे आपने ज्याने,
पल में करदे निहाल भोमियाजी,
सिवरू साचा ही देव ने रे।।

ओ भोमियाजी घोडे चढेने आवजो,
थे तो हाथा रे तलवार शूरमा,
दुष्ट दलन थे आवजो पछे,
भगता ने लिजो ऊबार भोमियाजी,
मै तो सिवरू आपने रे।।

हे शूरमा मेलो भरीजे आपरो कोई,
रूणगढ़ रे माय भोमियाजी,
दूरा देशारा जातरी कोई,
चरने शिश नवाय भोमियाजी,
दुखडा सबरा मेट जो रे।।

हे भोमियाजी नोपत बाजे आपरे,
कोई झालर रो झनकार देवरा मे,
ढोल नगाडा बाजता रे,
थारे भोपा घूमे दरबार भोमियाजी,
छत्तर छाया थे राखजो।।

हे शूरमा धड़ पूजीजे गोवा गाँव में,
थारो माथो रूणगढ़ माय भोमियाजी,
परचा जग में मोकला थारो,
घर घर गूंजे जयकार भोमियाजी,
शरणे आयो री लजीया राखजो रे।।

ओ भोमियाजी ताव बिमारी दूर करो,
थेतो दूर करो हर रोग भभूति,
जो कोई लगावे चाव सु,
जावे भूत डाकनीया दूर शूरमा,
जग में परचो आपरो रे।।

ओ शूरमा दोय कर जोड्या आपने,
मै तो अरज करूँ अरदास,
भोमियाजी अर्जुन शरणे आवियो,
मापर किजो किरपा आप,
भोमियाजी गुण गावा मै आपरा रे।।

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