सांवरिया थारा नाम हजार मैं कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री लिरिक्स

राजस्थानी भजन सांवरिया थारा नाम हजार मैं कइयाँ िखूं कुंकु पत्री लिरिक्स
Singer – Shri Navratan Giri Ji Maharaj

सांवरिया थारा नाम हजार,
मैं कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री,
कुंकु पत्री रे श्यामा प्रेम पत्री,
साँवरिया थारो नाम हज़ार,
कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री

कोई कहे मीरा बाई रो,
कोई कहे कर्मा बाई रो,
कोई कहे राधाजी को श्याम,
कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री,
साँवरिया थारो नाम हज़ार,
कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री।।

कोई कहे बंशी वालो,
कोई कहे मुरली वालो,
कोई कहे गाया रो ग्वाल,
कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री,
साँवरिया थारो नाम हज़ार,
कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री।।

कोई कहे गोकुल माहि,
कोई कहे मथुरा माहि,
कोई कहे द्वारिका रो नाथ,
कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री,
साँवरिया थारो नाम हज़ार,
कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री।।

कोई कहे यशोदा रो,
कोई कहे देवकी रो,
कोई कहे नन्द जी को लाल,
कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री,
साँवरिया थारो नाम हज़ार,
कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री।।

सांवरिया थारा नाम हजार,
मैं कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री,
कुंकु पत्री रे श्यामा प्रेम पत्री,
साँवरिया थारो नाम हज़ार,
कइयाँ लिखूं कुंकु पत्री।।

This Post Has One Comment

Leave a Reply