सायल मारी साम्भलो थे अजमल घर अवतारी लिरिक्स

सायल मारी साम्भलो थे,
अजमल घर अवतारी ओ,
एकर दर्श दिखावो माने,
निकलंक नेजाधारी ओ,
एकर दर्श दिखावो माने,
निकलंक नेजाधारी ओ जे ए हा।।

कुंकुम पगल्या मांड्या बाबो,
दीनी दूध उतारी ओ,
कुंकुम पगल्या मांड्या बाबो,
दीनी दूध उतारी ओ,
कपडा रो घोडलीयो उडायो,
मिसरी कर दिनी खारी ओ,
कपडा रो घोडलीयो उडायो,
मिसरी कर दिनी खारी ओ जे ए हा।।

भेरूडा राकस ने मार्यो,
भूमि रो भार हटायो ओ,
भेरूडा राकस ने मार्यो,
भूमि रो भार हटायो ओ,
सुगना रा भानु ने जिवायो,
नाव तारी बोयता री ओ,
सुगना रा भानु ने जिवायो,
नाव तारी बोयता री ओ जे ए हा।।

पीरा ने परचो दिखलायो,
डाली बाई ने तारी ओ,
पीरा ने परचो दिखलायो,
डाली बाई ने तारी ओ,
जातपात रो भेद मिटायो,
जाने दुनिया सारी ओ,
जातपात रो भेद मिटायो,
जाने दुनिया सारी ओ जे ए हा।।

भीड पडी है वेगा आईजो,
लीले री असवारी ओ,
भीड पडी है वेगा आईजो,
लीले री असवारी ओ,
फेपसिंह चरना रो चाकर,
करे सेवना थारी ओ,
फेपसिंह चरना रो चाकर,
करे सेवना थारी ओ जे ए हा।।

सायल मारी साम्भलो थे,
अजमल घर अवतारी ओ,
एकर दर्श दिखावो माने,
निकलंक नेजाधारी ओ,
एकर दर्श दिखावो माने,
निकलंक नेजाधारी ओ जे ए हा।।

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