सारा जग छोड़ दर्श की प्यास लगी रामदेवजी भजन लिरिक्स

सारा जग छोड़ दर्श की प्यास लगी,
बाबा तुमसे मिलने की आस लगी,
सारा जग छोड़ दर्श की प्यास जगी,
बाबा तुम से मिलने की आस लगी,
दर्श को आया दर नहीं जाऊंगा घर,
दर्श को आया दर नहीं जाऊंगा घर।।

घड़ी कटती नही इंतजार की,
मोहे लागी लगन दिदार की,
मेरी आँखों में सूरत है आपकी,
कोई ला दे खबर मेरे राम की,
टूटे सब सपने आ बाबा,
रूठे सब अपने आ बाबा,
तेरी राह निहारे आ बाबा,
हो ओ आ बाबा,
दर्श को आया दर नहीं जाऊंगा घर,
दर्श को आया दर नहीं जाऊंगा घर।।

ओ बाबा दुख पीडा सब ने है घेरा,
सुनले तू दिल की पुकार,
ओ बाबा दुख पीडा सबने घेरा,
सुनले तू दिल की पुकार,
मुझे आप बिना दुख ने घेरा,
सुनले तू दिल की पुकार।।

तेरी याद तेरा खयाल है,
आ देख मेरा क्या हाल है,
एक पल भी जी नही पाउंगा,
बाबा चौखट तेरी मर जाउंगा,
दुश्मन है जमाना आ बाबा,
न लाज गमाना आ बाबा,
मत देर लगाना आ बाबा,
दर्श को आया दर नहीं जाऊंगा घर,
दर्श को आया दर नहीं जाऊंगा घर।।

सारा जग छोड़ दर्श की प्यास लगी,
बाबा तुमसे मिलने की आस लगी,
सारा जग छोड़ दर्श की प्यास जगी,
बाबा तुम से मिलने की आस लगी,
दर्श को आया दर नहीं जाऊंगा घर,
दर्श को आया दर नहीं जाऊंगा घर।।

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