सुन्दर गिरीजी महाराज हरि अंश आया रे

सुन्दर गिरीजी महाराज,
हरि अंश आया रे,
ए गाँव लाखनी माय,
जन्म धराया रे,
पिता पाल सिंह जी परिहार,
घणा हर्षाया रे,
माता सायर कंवर केवाय,
लाड लडाया रे,
सुंदर गिरीजी महाराज,
हरि अंश आया रे।।

ए गुरू बालपना रे माय,
अलख जगाया जी,
गुरू बालपना रे माय,
अलख जगाया जी,
आतो सुनी मावडी टेर,
चिंता सताया जी,
लियो सन्यासी रो कंठ,
माला फेराया जी,
धोरां रतनपुरा रे माय,
भगती कमाई जी,
सुंदर गिरीजी महाराज,
हरि अंश आया रे।।

एतो गणेश गिरीजी महाराज,
फालनी बुलाया जी
एतो गणेश गिरीजी महाराज,
फालनी बुलाया जी,
एतो दीनो भगवा भेट,
तिलक कराया जी,
ज्याने दीनो गुरूवर ज्ञान,
आशीष दिराया जी,
सुन्दर वेला जुग मे,
नाम शब्द सुनाया जी,
सुंदर गिरीजी महाराज,
हरि अंश आया रे।।

गुरू गाँव डोंगरा माय,
आसन लगायो जी,
गुरू गाँव डोंगरा माय,
आसन लगायो जी,
एतो बनीया नकलंक धाम,
वृक्ष रोपाया जी,
नशा मुक्ति अभियान,
आप चलाया जी,
गुरू किनो काया रो कल्याण,
सब हर्षाया जी,
सुंदर गिरीजी महाराज,
हरि अंश आया रे।।

गुरूजी सु मिलीयो ज्ञान,
मन समझायो जी,
ओ गुरूजी सु मिलीयो ज्ञान,
मन समझायो जी,
भगता रो किनो कल्याण,
संत बन आया जी,
लिखे जोरावरियो जोर,
भजन बनाया जी,
श्याम पालीवाल भजन,
आपरा गावे जी,
सुंदर गिरीजी महाराज,
हरि अंश आया रे।।

सुन्दर गिरीजी महाराज,
हरि अंश आया रे,
ए गाँव लाखनी माय,
जन्म धराया रे,
पिता पाल सिंह जी परिहार,
घणा हर्षाया रे,
माता सायर कंवर केवाय,
लाड लडाया रे,
सुंदर गिरीजी महाराज,
हरि अंश आया रे।।

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