जय रघुनन्दन जय सियाराम भजन लिरिक्स

जय रघुनन्दन जय सियाराम,
हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम

भ्रात भ्रात को हे परमे्वर,
स्नेह तुन्ही सिखाते,
नर नारी के प्रेम की ज्योति,
जग में तुम्ही जलाते,
ओ नैया के खेवन हारे,
जपूं मै तुम्हरो नाम,
जय रघुनंदन जय सियाराम,
हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम।।

तुम ही दया के सागर प्रभु जी,
तुम ही पालन हारे,
चैन तुम्ही से पाए बेकल,
मनवा सांझ सकारे,
जो भी तुम्हरी आस लगाये,
बने उसी के काम,
जय रघुनंदन जय सियाराम,
हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम।।

जय रघुनन्दन जय सियाराम,
हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम।।

https://www.youtube.com/watch?v=bTfw_olzdow

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