काया नगर में ऊबी निम्बडी,

दोहा – और भला सब रूठ जो,
और ना रूठे गुरूदेव,
गुरू रूट्या मेरे ना सरे,
मै करा चरण री सेव।

काया नगर में ऊबी निम्बडी,
काया नगर मे ऊबी निम्बडी,
जिनरी कुपल खारी ए हा,
अरे खारी ने मीठी कर लेवे,
खारी ने मीठी कर लेवे,
संत बडा उपकारी,
आज म्हारे घर आया बनवारी ए हा,
अरे करसु सेवा गुरो री रे,
मै तो करसु सेवा गुरो री,
आज म्हारे घर आया बनवारी ए हा।।

काया नगर में वेद बन आया रे,
काया नगर में वेद बन आया अरे,
ओखत न उपकारी ए हा,
अरे ओर दवाई म्हारे काम नी आवे,
ओर दवाई म्हारे काम नी आवे,
अरे दर्शन री बलिहारी,
आज म्हारे घर आया बनवारी ए हा,
अरे करसु सेवा गुरो री रे,
आज म्हारे घर आया बनवारी ए हा।।

अरे काया नगर में आया बन्जारा रे,
काया नगर में आया बन्जारा,
अमे हिरो रा व्यापारी ए हा,
अरे आधी बलद मे मेवा ने मिसरी,
आधी बलद मे मेवा ने मिसरी,
अरे आधी मे लोंग सुपारी,
आज म्हारे घर आया बनवारी ए हा,
अरे करसु सेवा गुरो री,
आज म्हारे घर आया बनवारी ए हा।।

अरे काया नगर में तपत पसेरो,
काया नगर में तपत पसेरो,
अरे अधर सलेसा भारी ए हा,
अरे केवे कमाल कबीर सा री चेली,
केवे कमाल कबीर सा री चेली,
अरे आगे री मंजिल करारी,
आज म्हारे घर आया बनवारी ए हा,
अरे करसु सेवा गुरो री,
आज म्हारे घर आया बनवारी ए हा।।

काया नगर में ऊबी निम्बडी,
काया नगर मे ऊबी निम्बडी,
जिनरी कुपल खारी ए हा,
अरे खारी ने मीठी कर लेवे,
खारी ने मीठी कर लेवे,
संत बडा उपकारी,
आज म्हारे घर आया बनवारी ए हा,
अरे करसु सेवा गुरो री रे,
मै तो करसु सेवा गुरो री,
आज म्हारे घर आया बनवारी ए हा।।

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काया नगर में ऊबी निम्बडी जिनरी कुपल खारी

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