चलो रे खाटू के दरबार,
जहाँ बिराजे शीश का दानी,
मेरा लखदातार,
चलों रे खाटू के दरबार,
चलों रे खाटू के दरबार।।

शरण बाबा की आ जाओ,
जो चाहो वो सबकुछ पाओ,
चरण में शीश नवा जाओ,
दया बाबा की पा जाओ,
कलयुग का है देव निराला,
कलयुग का है देव निराला,
भर देगा भंडार,
चलों रे खाटू के दरबार,
चलों रे खाटू के दरबार।।

वहाँ हारे का सहारा है,
सांवरा सेठ हमारा है,
डूबते हुए को तारा है,
खिवैया वही हमारा है,
हिचकोले खाती नैया को,
हिचकोले खाती नैया को,
कर दे परली पार,
चलों रे खाटू के दरबार,
चलों रे खाटू के दरबार।।

भगत की आँखों को पढता,
नहीं कहना कुछ भी पड़ता,
बिना बोले दुखड़े हरता,
बिना मांगे झोली भरता,
‘हर्ष’ कहे दुनिया में दूजी,
‘हर्ष’ कहे दुनिया में दूजी,
ना ऐसी सरकार,
चलों रे खाटू के दरबार,
चलों रे खाटू के दरबार।।

चलो रे खाटू के दरबार,
जहाँ बिराजे शीश का दानी,
मेरा लखदातार,
चलों रे खाटू के दरबार,
चलों रे खाटू के दरबार।।

कृष्ण भजन चलो रे खाटू के दरबार खाटू श्याम भजन लिरिक्स

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