जबसे साथी बना मेरा,
तू दिलदार सांवरिया,
उजड़ा चमन मेरा हुआ,
गुलज़ार सांवरिया,
उजड़ा चमन मेरा हुआ,
गुलज़ार सांवरिया।।

सच कहती है ये दुनिया,
तुम हो हारे के सहारे,
बिन पानी जो नैया को,
भव सागर पार करा दे,
मेरी डूबती नैया का,
तू खेवन हार सांवरिया,
उजड़ा चमन मेरा हुआ,
गुलज़ार सांवरिया।।

करुणाकर करुणा करते,
झोली भक्तों की भरते
चाहे कैसी हो दुःख परेशानी,
तुझे देख के वो भी डरते,
मुझे हर पल तेरी रहती,
दरकार सांवरिया,
उजड़ा चमन मेरा हुआ,
गुलज़ार सांवरिया।।

तेरे एहसानो की कीमत,
ना कभी चूका पाऊंगा,
तेरी कृपा से अपनी,
झोली भरता जाऊँगा,
‘रूबी रिधम’ का बस एक तू ही,
रिश्तेदार सांवरिया,
उजड़ा चमन मेरा हुआ,
गुलज़ार सांवरिया।।

जबसे साथी बना मेरा,
तू दिलदार सांवरिया,
उजड़ा चमन मेरा हुआ,
गुलज़ार सांवरिया,
उजड़ा चमन मेरा हुआ,
गुलज़ार सांवरिया।।

कृष्ण भजन जबसे साथी बना मेरा तू दिलदार सांवरिया भजन लिरिक्स
तर्ज – दिल दीवाने का डोला।

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