मेरे सांवरिया सरकार सरकार,
तेरी मोरछड़ी लहरा दे रे,
मेरे खाटू के घनश्याम घनश्याम,
संकट को दूर भगा दे रे।।

बिन सावन नैना बरस रहे,
तेरे दर्शन को ये तरस रहे,
तेरी चौखट पर अब आन पड़े,
तेरे चरणो में अब आन पड़े,
आजा नीले के असवार असवार,
तेरी मोरछडी लहरा दे रे,
मेरे खाटू के घनश्याम घनश्याम,
संकट को दूर भगा दे रे।।

हारे का तू ही सहारा है,
नदियों का तू ही किनारा है,
तू सबका पालनहारा है,
तू मेरा पालनहारा है,
आजा कलयुग के अवतार अवतार,
तेरी मोरछडी लहरा दे रे,
मेरे खाटू के घनश्याम घनश्याम,
संकट को दूर भगा दे रे।।

संकट की घड़ीया आई है,
सारी दुनिया घबराई है,
भगतो ने अर्ज लगाई है,
हेमंत ने अर्ज लगाई है,
अब आजा लखदातार लखदातार,
तेरी मोरछडी लहरा दे रे,
मेरे खाटू के घनश्याम घनश्याम,
संकट को दूर भगा दे रे।।

मेरे सांवरिया सरकार सरकार,
तेरी मोरछड़ी लहरा दे रे,
मेरे खाटू के घनश्याम घनश्याम,
संकट को दूर भगा दे रे।।

कृष्ण भजन तेरी मोरछड़ी लहरा दे रे श्याम भजन लिरिक्स
तर्ज – श्री गोवर्धन महाराज।

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