मेरा जो यार है,
वो लखदातार है,
इनकी किरपा से चलता,
मेरा परिवार है,
मेरा जों यार है।।

दुनिया से जो हारा,
ये देता उसे सहारा,
लाखों भक्तों का जीवन,
इसने पल भर में संवारा,
जितना भी मांग लो,
देता हर बार है,
इनकी किरपा से चलता,
मेरा परिवार है,
मेरा जों यार है।।

जो जगत सेठ कहलाते,
वो भी यहाँ मांगने आते,
पैदल चलकर चरणों में,
आकर के शीश झुकाते,
चोखट पे मांगने,
आता संसार है,
इनकी किरपा से चलता,
मेरा परिवार है,
मेरा जों यार है।।

जो जैसे भाव है लाता,
ये वैसा ही फल देता,
लाखो से झोली भरता,
बदले में कुछ ना लेता,
‘मोहित’ पे श्याम के,
कितने उपकार है,
इनकी किरपा से चलता,
मेरा परिवार है,
मेरा जों यार है।।

मेरा जो यार है,
वो लखदातार है,
इनकी किरपा से चलता,
मेरा परिवार है,
मेरा जों यार है।।

कृष्ण भजन
मेरा जो यार है वो लखदातार है भजन लिरिक्स
तर्ज – मेरी जो लाज है।

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