मेरे मनवा मन मीत रे…,,,
हरि मिलते नही है बिन प्रीत रे,
बिन प्रीत रे,
ओ मेरे मनवा।।

प्रीत लगाई थी,
शबरी प्रभू से,
खाए झूठे बैर प्रभू थे,हो…
झूठे बैर खिला शबरी ने,
करली अमर देखो प्रीत रे,
हरि मिलते नही है बिन प्रीत रे।।

प्रीत लगाई थी,
बाई मीरा ने,
विष का प्याला भेजा राँणा ने,हो…
आज अमर गाथा के दुनिया,
गाती है सब गीत रे,
हरि मिलते नही है बिन प्रीत रे।।

नाम न ध्यावे न,
ध्यान लगाए,
भक्ती का झूठा रँग चढ़ाए,हो…
छल करता है उससे जिसको,
भाए न छल छीद्र रे,
हरि मिलते नही है बिन प्रीत रे।।

हरि मिलते नही है बिन प्रीत रे,
बिन प्रीत रे,
ओ मेरे मनवा।।

music video bhajan song

फिल्मी तर्ज भजन हरि मिलते नही है बिन प्रीत रे भजन लिरिक्स
तर्ज – आजा तुझको पुकार मेरे गीत।

See also  आरती लेकर खड़ा हुआ दरबार तेरे भोले बाबा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *