गाना: खुलने दो
फिल्म: छपाक,
गायक: अरिजीत सिंह,
गीतकार: गुलज़ार,
संगीतकार: शंकर-एहसान-लॉय,

Khulne Do Lyrics in Hindi

मैली मैली सी सुबह धुलने लगी है
मैली मैली सी सुबह धुलने लगी है
गिरह लगी थी साँस में, खुलने लगी है
खुलने लगी है..
बर्फ की डली थी कोई घुलने लगी है
गिरह लगी थी साँस में, खुलने लगी है
खुलने लगी है..

खुलने दो.. खुलने दो..
आसमां खुलने दो
खुलने दो.. खुलने दो..
आसमां खुलने दो

उजाला हो तो जाएगा कहीं ना कहीं से
अंधेरा भी छटेगा ही कभी तो ज़मीन से
पलकें तो नही है नज़र उठने लगी है
गिरह लगी थी साँस में, खुलने लगी है
खुलने लगी है..

खुलने दो.. खुलने दो..
आसमां खुलने दो
खुलने दो.. खुलने दो..
आसमां खुलने दो

खुलने दो..

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