Title- बाग़ों में कैसे ये फूल
Movie/Album- चुपके चुपके Lyrics-1975
Music By- सचिन देव बर्मन
Lyrics- मजरूह सुल्तानपुरी
Singer(s)- लता मंगेशकर, मुकेश

बागों में कैसे ये फूल खिलते हैं, हो खिलते हैं
खिलते हैं भँवरों से जब फूल मिलते हैं, हो मिलते हैं
हो हो हो बागों में

रंगीली रुत आ के रंग देती है इनको
नहीं तुम सी कोई गोरी, चूम लेती है इनको
फूलों को, फूलों को होंठो से
रंगरूप मिलते हैं, हो मिलते हैं
हो हो हो बागों में

मौसम बहारों के लगते हैं क्यों प्यारे
हँसते हैं, रोते हैं, कलियों के संग सारे
कलियों के, कलियों के खिलने से
दिल भी खिलते हैं, हो खिलते हैं
बागो में

अच्छा अब तुम बोलो ऐसा कब होता है
बड़े वो हो मत छेड़ो ऐसा तब होता है
जब तेरे, जब तेरे नैनों से
मेरे नैन मिलते हैं, हो मिलते हैं
बागो में कैसे ये फूल…

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