Title- चाँद जैसे मुखड़े पे
Movie/Album- सावन को आने दो Lyrics-1979
Music By- राजकमल
Lyrics- पुरुषोत्तम पंकज
Singer(s)- येसुदास

सब तिथियन का चन्द्रमा
जो देखा चाहो आज
धीरे-धीरे घूँघटा
सरकावो सरताज

चाँद जैसे मुखड़े पे बिन्दिया सितारा
चाँद जैसे मुखड़े पे बिन्दिया सितारा
नहीं भूलेगा मेरी जान
ये सितारा वो सितारा
माना तेरी नज़रों में
मैं हूँ एक आवारा हो आवारा
नहीं भूलेगा मेरी
जान ये आवारा, वो आवारा

सागर सागर मोती मिलते
परबत परबत पारस
तन मन ऐसे भीजे जैसे
बरसे महुए का रस
अरे कस्तूरी को खोजता फिरता
है ये बंजारा, हो बंजारा
नहीं भूलेगा मेरी जान
ये बंजारा वो बंजारा
चाँद जैसे मुखड़े पे बिन्दिया सितारा

कजरारे चंचल नैनों में
सूरज चाँद का डेरा
रूप के इस पावन मन्दिर में
हंसा करे बसेरा
प्यासे गीतों की गंगा का
तू ही है किनारा, हो किनारा
नहीं भूलेगा मेरी जान
ये किनारा वो किनारा
चाँद जैसे मुखड़े पे…

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