Title : एक चतुर नार
Movie/Album/Film: पड़ोसन -1968
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics : राजेंद्र कृषण
Singer(s): किशोर कुमार, मन्ना डे, महमूद

एक चतुर नार कर के श्रृंगार
मेरे मन के द्वार ये घुसत जात
हम मरत जात, अरे हे हे हे
येक चतुर नार कर के श्रृंगार

उ धाम, उ धाम, उ धाम धाम धाम धाम
अय्यो!
हम्म ब्रुम, हम्म ब्रुम
हम्म आ आ ए ए इ उ ए अई ओ अम अह
हम नम नम नम नम नम नम नम न
हम्म बोलो बोलो बोलो बोलो रे
बोलो बोलो बोलो बोलो रे
बोलो बोलो बोलो बोलो रे

एक चतुर नार बड़ी होशियार
अपने ही जाल में फँसत जात
हम हँसत जात अरे हो हो हो हो हो
एक चतुर नार बड़ी होशियार

तू क्यूँ, छी रे

तू क्यूँ गोरी ध्यान धरे
करे लाख लाख दुनिया चतुराई
छुट्टी कर दूँगा मैं उसकी
अबके जो आवाज़ लगाईं
छुट्टी कर दूँगा आ आ..
तात जम, ताका जम, ताका नम, ताका रम
ताक धिन तान तेरे, ताक तेरे केटे तक
तात जम, ताका जम, ताका नम, ताका रम
ताक धिन तान तेरे, ताक तेरे केटे तक
तात जाली, तादाना तात जालु, तादानु तात जालु
ताकित तारित तानाता तेनुता तेरितो
तेर तेरी कुट कम, तेर तेरी कुट कम, तेर तेरी कुट कम

बढ़ के बुतन चिर बी टकर, बढ़ के बुतन चिर बी टकर
हर बुड़ खुदी-काचु कुचकाये, हर बुड़ खुदी-काचु कुचकाये
छिछके छोरेर मोन मोचकाए, छिछके छोरेर मोन मोचकाए
सब चले गए, सब चले गए
चिता गुड़ चितिंग चिता गुड़
खेदी कुचकाए, खेदी कुचकाए, खेदी कुचकाए हाय हाय

जा रे, जा रे करे कागा, का गा गा क्यों शोर मचाये
उस नारी का दास न बन जो, राह चलत को राह भुलाए
काला रे काला रे, जा रे जा रे
कारे नाले में जा के तू मुँह धो के आ
काला रे का रे गा रे -ये गड़बड़ जी
ओ गा रे गा रे -ये सुर बदला
ओ गा रे गा रे -ये हमको भटका दिया
ओ गा रे गा रे
ये सुर किधर है जी, ये सुर, ये एन्नाया इधु

येक चतुर नार
हम छोड़ेगा नहीं जी
येक चतुर नार
हम पकड़ के रखेगा जी
मेरे मन के द्वार, ये घुसत जात
हम मरत जात अरे हे हे हे
एक चतुर नार कर के श्रृंगार

नाच न जाने, आंगन टेढ़ा
तू क्या जाने क्या है नारी
जिस तन लागे मोरे नैना
उसपे सारी दुनिया वारी
नाच न जाने, आंगन टेढ़ा
टेढ़ा, टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा
टेढ़ा, टेढ़ा, टेढ़ा, टे
ओ टेढ़े -ओय
ओ केड़े -ओय आ
अरे सीधे हो जा रे, सीधे हो जा रे, सीधे हो जा
वाह री चंदनिया, वाह रे चकोरे
राम बनाई ये कैसी जोड़ी
करे नचैय्या ता ता थैय्या
ताल पे नाचे लंगड़ी घोड़ी
अरे देखी
अरे देखी तेरी चतुराई -ये फिर गड़बड़
अरे देखी तेरी चतुराई -फिर भटकाया
तुझे सुर की समझ नहीं आई
तुने कोरी घास ही खाई
अरे घोड़े -ये घोड़ा बोला
ओ निगोड़े -ये गाली दिया
अरे देखी तेरी चतुराई -येक चतुर नार
घोड़े देखी तेरी चतुराई -येक चतुर नार
ओ घोड़े देखी तेरी चतुराई -येक चतुर नार कर के
एक चतुर नार कर के -ए रे घोड़े तेरे
एक चतुर नार -अय्यो घोड़े तेरे
ओ एक चतुर नार -अय्यो घोड़े तेरे
आ अय्यो गोरे तेरी
अय्यो गोरे तेरी
एक चतुर नार, अय्यो घोड़े तेरी
एक चतुरा.. के घोड़ा
ये घोड़ा चतुर, घोड़ा
ये क्या रे घोड़ा-चतुर, घोड़ा-चतुर
येक पे रहना
या घोड़ा बोलना या चतुर बोलना, गा

एक चतुर नार कर के श्रृंगार
एक चतुर नार बड़ी होशियार
मेरे मन के द्वार ये घुसत जात
अपने ही जाल में फँसत जात
हम मरत जात अरे अई अई अई अई
एक चतुर नार, बड़ी होशियार
कर के श्रृंगार, अपने ही जाल
मेरे मन के द्वार, अरे फँसत जात
ये घुसत जात, हम हँसत जात
हम मरत जात, मरत जात, मरत जात
सा रे ग म -ये अटक गया
प -अय्यो
ध -अय्यो
हे हे हे…

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