Title : गैरों पे करम
Movie/Album/Film: आँखें -1968
Music By: रवि
Lyrics : साहिर लुधियानवी
Singer(s): लता मंगेशकर

गैरों पे करम, अपनों पे सितम
ऐ जान-ए-वफ़ा, ये ज़ुल्म न कर
रहने दे अभी थोड़ा सा भरम
ऐ जान-ए-वफ़ा, ये ज़ुल्म न कर
गैरों पे करम…

हम चाहने वाले हैं तेरे
यूँ हमको जलाना ठीक नहीं
महफ़िल में तमाशा बन जाएँ
इस दर्जा सताना ठीक नहीं
मर जायेंगे हम, मिट जायेंगे हम
ऐ जान-ए-वफ़ा…

गैरों के थिरकते शानें पर
ये हाथ गँवारा कैसे करें
हर बात गँवारा है लेकिन
ये बात गँवारा कैसे करें
तुझको तेरी बेदर्दी की कसम
ऐ जान-ए-वफ़ा…

हम भी थे तेरे मंज़ूर-ए-नज़र
जी चाहे तो अब इकरार ना कर
सौ तीर चला सीने पे मगर
बेगानों से मिलकर वार न कर
बेमौत कहीं मर जाएँ न हम
ऐ जान-ए-वफ़ा…

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