Title : हम तुम युग-युग से
Movie/Album/Film: मिलन -1967
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics : आनंद बक्षी
Singer(s): लता मंगेशकर, मुकेश

हम तुम युग-युग से ये
गीत मिलन के गाते रहे हैं
गाते रहेंगे
हम तुम जग में जीवन साथी
बन के आते रहे हैं
आते रहेंगे

जब-जब हमने जीवन पाया
जब-जब ये रूप सजा सजना
हर बार तुम्हीं ने माँग भरी
तुमने ही पहनाया कँगना
हम फूल बने या राख हुए
पर साथ नहीं छूटा अपना
हर बार तुम्हीं तुम आन बसे
इन आँखों में बनके सपना
हम तुम युग-युग…

सावन में जब कभी भी
ये बादल गगन पे छाये
बिजली से डर गए तुम
डर कर करीब आये
फिर क्या हुआ बताओ
बरसात थम न जाए
बरसात थम न जाए
हम तुम युग-युग…

जग ये बंधन ना तोड़ सका
हम तोड़ के हर दीवार मिले
इस जनम-जनम की नदिया के
इस पार मिले, उस पार मिले
भगवान ने पूछा मांगो तो
तुमको सारा संसार मिले
पर हमने कहा संसार नहीं
हमको साजन का प्यार मिले
हम तुम युग-युग…

हम आज कहें तुमको अपना
हम तुम किस रोज़ पराये थे
बाहों के हार तुम्हें हमने
बरसों पहले पहनाए थे
दुनिया समझी हम बिछड़ गये
ऐसे भी ज़माने आये थे
लेकिन वो जुदा होने वाले
हम नहीं, हमारे साये थे
हम तुम युग-युग…

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