Title- जिस दिन से मैंने
Movie/Album- परवाना Lyrics-1971
Music By- मदन मोहन
Lyrics- कैफ़ी आज़मी
Singer(s)- मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले

जिस दिन से मैंने तुमको देखा है
इस दिल में इक सपना-सा जागा है
इजाज़त हो तो सुना दूँ

इस दिल ने जब से तुमको पाया है
कुछ चोरी-चोरी मैंने भी सोचा है
गर इजाज़त हो तो बता दूँ

शोख़ी है नज़ाक़त है, नज़रों में शरारत है
ऐसा भी शरमाना क्या, कह दो के मुहब्बत है
कहने की ज़रूरत क्या, बातों की हक़ीक़त क्या
छलके ना निगाहों से, ऐसी भी मुहब्बत क्या
कुछ खोया-खोया दिल भी रहता है
कुछ चोरी-चोरी मैंने भी सोचा है
गर इजाज़त हो…

ज़ुल्फ़ों को सँवारा भी, चेहरे को निखारा भी
अब तो दे दो जान-ए-जाँ, बाँहों का सहारा भी
मस्ती का ज़माना भी, ख़ुशिओं का खज़ाना भी
पाया तो तुम्हें पाया, जीने का बहाना भी
अब दुनिया कितनी रंगीं दुनिया है
इस दिल में इक सपना-सा जागा है
इजाज़त हो तो सुना दूँ

दिल को ना सम्भालूँ तो, सीने से लगा लूँ तो
होठों की जो लाली है, उसको मैं चुरा लूँ तो
यूँ नज़रें न डालो तुम, अब दिल को सम्भालो तुम
देखे न हमें दुनिया, सीने में छुपा लो तुम
क्या जाने मुझको डर क्यूँ लगता है
कुछ चोरी-चोरी मैंने भी सोचा है
गर इजाज़त हो…
जिस दिन से मैंने…

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