Tumse Door Reh Ke Lyrics-Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Adalat

Title- तुमसे दूर रह के
Movie/Album- अदालत Lyrics-1976
Music By-कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics- गुलशन बावरा
Singer(s)- मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

तुमसे दूर रह के
हमने जाना प्यार क्या है
दिल ने माना यार क्या है

तुमको पाके ना पहलू में लगता था यूँ
जीते हैं किसलिए और ज़िंदा है क्यों
हम भी रहते थे बेचैन से हर घड़ी
बिन तुम्हारे तो वीरान थी ज़िन्दगी
तुमसे दूर रह के…

दूरियाँ किसलिये, मिल गये हैं जो हम
अब तो होने दो अरमान पूरे सनम
वक़्त आने पे मिट जायेंगी दूरियाँ
जब न होंगी ज़माने की मजबूरियाँ
तुमसे दूर रह के…

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