Title ~ अब के बरसात की रुत Lyrics
Movie/Album ~ समवन समवेयर Lyrics- 1990
Music ~ जगजीत सिंह
Lyrics ~ मुज़फ़्फ़र वारसी
Singer (s)~चित्रा सिंह

अब के बरसात की रुत और भी भड़कीली है
जिस्म से आग निकलती है, क़बा गीली है
अब के बरसात की…

सोचता हूँ के अब अंजाम-ए-सफ़र क्या होगा
लोग भी काँच के हैं, राह भी पथरीली है
अब के बरसात की…

पहले रग-रग से मेरी ख़ून निचोड़ा उसने
अब ये कहता है के रंगत ही मेरी पीली है
अब के बरसात की…

मुझ को बे-रंग ही कर दे न कहीं रंग इतने
सब्ज़ मौसम है, हवा सुर्ख़, फ़िज़ा नीली है
अब के बरसात की…

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