Title : मैं मरने चला हूँ Lyrics
Movie/Album/Film: गुनाहों का देवता Lyrics-1967
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics : हसरत जयपुरी
Singer(s): मो.रफ़ी, महमूद

होशियार, अरे ख़बरदार
मेरे को मत रोकना, मैं जा रहा हूँ
अरे टोली दर तबला ते
फोड़ी नाल पेटी
मैं जा रहा हूँ
मैं मरने चला हूँ

अरे अब रोकने से क्या फायदा
जब चिड़िया चुग गई खेत

मैं मरने चला हूँ, मैं मरने चला हूँ
ऐ हुस्न तेरी खातिर, ऐ हुस्न तेरी खातिर
मैं मरने चला हूँ, मैं मरने चला हूँ…

ये मौत भी दरवाज़ा है
मिलने का मेरी जाँ
मर कर भी जिया करता है
हो कर अमर इंसा
मजनू की कसम, रांझे की कसम
मिर्जा की कसम
अरे मेरे बाबा जी की कसम
दादा जी की कसम, काका जी की कसम
अरे पदम जी की कसम
मैं मरने चला हूँ…

अटका हुआ अरमां
दिल-ए-मासूम से निकले
आसिक का जनाजा है
बड़ी धूम से निकले
लैला की कसम, शिरी की कसम
केसर की कसम
मेरी माँ की कसम, मेरी दादी की कसम
मेरी नानी की कसम, मर गया बाबा जी
मैं मरने चला हूँ…

लोगों मेरे मरने पे
तुम आँसूँ न बहाना
आ जाए मेरी याद
तो फिर नाचना गाना
बैजू की कसम, तानी की कसम
तानसेन की कसम
मैं मरने चला हूँ…

अरे मैं मरने चला हूँ
अरे मरते मरते मेरे को धोनसद याद आ रहा है
अरे सल्ली ने गोश्त याद आवे छे मन
अरे मने पासो वाली माछी याद आवे छे
मैं मरने जा रहा हूँ, ओ तुम्हारी माँ की कसम
मेरे को मरना है, मैं जा रहा हूँ
मरने चला हूँ…
मर गयो…

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