Title : महफ़िल में शमा चमकी Lyrics
Movie/Album/Film: गुनाहों का देवता Lyrics-1967
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics : हसरत जयपुरी
Singer(s): मो.रफ़ी, मन्ना दे

आए हैं बड़ी दूर से
सरकार के लिए
कब से तरस रहे थे
तेरे दीदार के लिए

कौन हो?
किस लिए आए हो
नाराज़ ना हो सरकार
हम तो इसलिए आए हैं

महफ़िल में शमा चमकी
परवाने चले आए
अब तो नज़र झुका लो
दीवाने चले आए
महफ़िल में शमा चमकी…

रंगीन ज़माना है, महफ़िल पे जवानी है
जो तेरा फ़साना है, वो मेरी कहानी है
आँखों से तेरी पीने, मस्ताने चले आए
महफ़िल में शमा चमकी…

जब दिल में मोहब्बत हो, होता है असर दिल पर
भटका हुआ आशिक भी, आ जाता है मंज़िल पर
हम भी तेरे दिल को, बहलाने चले आए
महफ़िल में शमा चमकी…

हर एक अदा मेरी, देती है दुआ तुमको
मेरी भी उमर दे दे, ये मेरा खुदा तुमको
हम भी तो तुम्हारे हैं, जतलाने चले आए
अब तो नज़र झुका लो…

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