Rishtey James, Life In A Metro

Title~ रिश्ते Lyrics
Movie/Album~ लाइफ इन अ मेट्रो 2007
Music~ प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics~ सईद कादरी
Singer(s)~ जेम्स

रिश्ते तो नही रिश्तों की, परछाईयाँ मिले
ये कैसी भीड़ है बस यहाँ, तनहाईयाँ मिले

इक छत के तले अजनबी हो जाते हैं रिश्ते
बिस्तर पे चादरों से चुप सो जाते हैं रिश्ते
ढूँढे से भी इनमें नहीं गरमाईयाँ मिले
ये कैसी भीड़…

जिसको भी देखिए वो अधूरा सा है यहाँ
जैसे कहीं हो और वो आधा रखा हुआ
वो जब जहाँ जुड़े वहीं जुदाईयाँ मिले
ये कैसी भीड़…

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