Title ~ शाम है धुआँ धुआँ Lyrics
Movie/Album ~ दिलजले Lyrics- 1996
Music ~ अनु मलिक
Lyrics ~ जावेद अख्तर
Singer (s)~अजय देवगन, पूर्णिमा

शाम है धुआँ धुआँ
जिस्म का रुआँ रुआँ
उलझी -उलझी साँसों से
बहकी -बहकी धड़कन से
कह रहा है आरज़ू की दास्ताँ
शाम है धुआँ धुआँ…

आरज़ू झूठ है, कहानी है
आरज़ू का फरेब खाना नहीं
खुश जो रहना हो ज़िन्दगी में तुम्हें
दिल किसी से कभी लगाना नहीं

मेरे दिल पे जो लिखा है, वो तुम्हारा नाम है
मेरी हर नज़र में जाना, तुमको सलाम है
मुझको तुमसे प्यार है, प्यार है
गूंजते हैं मेरे प्यार से ये ज़मीन आसमां
शाम है धुआँ धुआँ…

क्यों बनाती हो तुम रेत के ये महल
जिनको एक रोज़ खुद ही मिटाओगी तुम
आज कहती हो इस दिलजले से प्यार है तुम्हें
कल मेरा नाम तक भूल जाओगी तुम

तुम्हें क्यों यकीन नहीं है, के मैं प्यार में हूँ गुम
हो मेरे ख़्वाबों में तुम्हीं हो, मेरे दिल में तुम ही तुम
मुझको तुमसे प्यार है, प्यार है
प्यार में निसार हो गए मेरे जिस्म और जान
शाम है धुंआ…

एक पल में जो आकर गुज़र जाता है
ये हवा का वो झोंका है और कुछ नहीं
प्यार कहती है ये सारी दुनिया जिसे
एक रंगीन धोखा है और कुछ नहीं

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