Title – शायद मेरी शादी का ख्याल Lyrics
Movie/Album- सौतन -1983
Music By- ऊषा खन्ना
Lyrics- सावन कुमार
Singer(s)- लता मंगेशकर, किशोर कुमार

शायद मेरी शादी का ख्याल दिल में आया है
इसीलिए मम्मी ने मेरी, तुम्हें चाय पे बुलाया है
क्या कहा फिर से दोहराओ
शायद मेरी शादी…

पंछी अकेला देख मुझे, ये जाल बिछाया है
इसीलिए मम्मी ने तेरी, मुझे चाय पे बुलाया है
क्यों है ना
नहीं नहीं

ठीक तुम चार बजे घर चले आना
मेरा हाथ मांग लेना ज़रा ना शरमाना
सात फेरे मेरे संग, सपने देख रही हो
खिली हुई धूप में, तारे देख रही हो
अरे नहीं नहीं बाबा, चाय नहीं पीना
क्यों क्यों
तौबा-तौबा मेरी तौबा, माफ़ कर देना
इन्हीं अदाओं पर तो हाय, अपना दिल आया है
इसीलिए मम्मी ने मेरी…
ना ना ना ना
पंछी अकेला देख…

दिल्लगी न करो, छेड़ो न हमको सनम
हाँ कहो, घर चलो, तुमको मेरी क़सम
जान-ए-मन माना हम, तुमपे मरते हैं
प्यार तो ठीक है, शादी से डरते हैं
शादी से पहले तो, सब अच्छा लगता है
सारी उम्र को फिर, रोना पड़ता है
इन्हीं अदाओं पर तो हाय, अपना दिल आया है
इसीलिए मम्मी ने मेरी…
अरे पंछी अकेला देख…

तुम्हें मेरी क़सम आओगे न
नहीं बिलकुल नहीं
हाँ तेरी क़सम आऊँगा

See also  Zindagi Ko Nayi Zindagi Lyrics Udit Narayan, Sonali Bajpai, Haasil

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *