Title – ये बम्बई शहर हादसों का Lyrics
Movie/Album- हादसा -1983
Music By- कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics- एम.जी.हशमत
Singer(s)- अमित कुमार

हे, ये बम्बई शहर हादसों का शहर है
यहाँ ज़िन्दगी हादसों का सफ़र है
यहाँ रोज़-रोज़ हर मोड़-मोड़ पे
होता है कोई न कोई
हादसा, हादसा…

यहाँ की ख़ुशी और गम हैं अनोखे
बड़े खूबसूरत से होते हैं धोखे
बहुत तेज़ रफ़्तार है ज़िन्दगी की
है फुर्सत किसे कोई कितना भी सोचे
ख़ुशी हादसा है, गम हादसा है
हकीकत भुला कर हर इक भागता है
यहाँ रोज़-रोज़ की भाग-दौड़ में
होता है कोई न कोई
हादसा, हादसा…

यहाँ आदमी आसमां चूमते हैं
नशे में तरक्की के सब झूमते हैं
हरी रौशनी देख भागी वो कारें
अचानक रुकी फिर से बन के कतारें
यहाँ के परिंदों की परवाज़ देखो
हसीनों के चलने का अंदाज़ देखो
यहाँ हुस्न इश्क की आब-ओ-हवा में
होता है कोई न कोई
हादसा, हादसा…

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