किधर मैं जाऊं
समझ न पाऊँ
बुला रही है दो राहे
इधर है ममता और
उधर है भीगी निगाहें

कभी किसी की खुशियाँ
कोई लुटे न बनते बनते
महल किसी का टुटे न
कभी किसी की

भंवर से बच
के एक भटकती
नाव लगी थी किनारे
किसे खबर थी फिर पहुंचेगी
इन आंसुओ के द्वारे
है इस तरह भाग
किसी से रूठे न
बनते बनते महल

अभी अभी दो फूलों
वाली झूम रही थी डाली
घिरी अचानक काली
बदली बिजली गिराने वाली
होते होते साथ
किसी का छूटे न
बनते बनते महल.

ज़िन्दगी और ख्वाब – किधर मैं जाऊं lyrics

Movie/album- ज़िन्दगी और ख्वाब
Singers- मुकेश चंद माथुर (मुकेश)
Song Lyricists- रामचंद्र बारयांजी द्विवेदी (कवि प्रदीप)
Music Composer- दत्ताराम वाडकर
Music Director- दत्ताराम वाडकर
Music Label- सारेगामा
Starring/Cast- राजेंद्र कुमार
Release on-

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