चल रही हैं साँसे
बह रहा हैं लहुं
चल रही हैं साँसे
बह रहा हैं लहुं
फिर भी क्यों नहीं लगता
के मैं ज़िंदा हूँ
के मैं ज़िंदा हूँ
के मैं ज़िंदा हूँ
के मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ

सीने में हैं क्यूँ ये
जलन रूह तड़पती हैं क्यों
सीने में हैं क्यूँ ये
जलन रूह तड़पती हैं क्यों
धड़कता दिल पूछता हैं
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ

बातों की खामोशी से
दोस्त की तन्हाई से
भीड़ में अकेला हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
भीड़ में अकेला हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ

ये सुनि अँधेरी बेक़रारी जाना
पेहचाना ढूंढती हैं क्यों
मिटा हुआ नामोनिशान
पूछता हैं
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ
क्या मैं ज़िंदा हूँ.

ज़िंदा – चल रही हैं साँसे lyrics

Movie/album- ज़िंदा
Singers- कैलाश खेर
Song Lyricists- समीर
Music Composer- शेखर रावजिआनी
Music Director- शेखर रावजिआनी
Music Label- टी-सीरीज
Starring/Cast- संजय दत्त
Release on- १२थ जनुअरी

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