Song Title: Dil Kahi Ka
Singer: Dino James
Music: Saurabh Lokhande.
Lyrics:Dino James

Dil Kahi Ka Lyrics in Hindi

अपनी मनमर्जी चलिये ना सुना ये नासपिटा
ना मरहम दे ना रहम दे
या तो फीखा या तो तीखा

कोई तो बताए संग रहने का सलीका
गुदगुदाए फिर रुलाये
जिद्दी साला दिल कही का

मजबूरीया या थी ये पगला ना जाने
मुझसे खफा है खामखा
ज़ख्मो को भरने में वक़्त लगे है
इतना ना समझे ये मुहा

मैं कैसे मिटायों जो था तकदीर में लिखा
बरगलिए तिलमिलाए है इरादा खुदखुशी का

मनमर्जी चलिये ना सुना ये नासपिटा
न मरहम दे ना रहम दे
या तो फीखा या तो तीखा

भीकरे वो किस्से भरके लिफाफे
भेजे थे पतेपे क्यू पता नी लापता
बेचनिया के ओड़े लिहाफे

दम घुट रहा है ओर में दम हू खोजता
नया क्या में बताउ तू तो जाने सारा किस्सा
या साल दे या सजा दे या तो झूठा दे दिलासा

मनमर्जी चलिये ना सुना ये नासपिटा
ना मरहम दे ना रहम दे
या तो फीखा या तो तीखा

कोई तो बताए संग रहने का सलीका
गुदगुदाए फिर रुलाये

जिद्दी साला दिल कही का
जिद्दी साला दिल कही का

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