मैं बुद्ध हूँ – अ नाईट इन कलकत्ता lyrics |

दिलदार हसीनो का मेहबूब हूँ
हुस्न से प्यार करना मेरा काम है
लोग दीवाने इतना नहीं जानते
ज़िन्दगी प्यार का दूसरा नाम है
मैं बुद्ध हूँ तो क्या हुआ
मैं बुद्ध हूँ तो क्या हुआ
प्यार और मोहब्बत और जवानी
दिल से होती है
प्यार और मोहब्बत और जवानी
दिल से होती है
अरे बेमौसम बरसात
बड़ी मुश्किल से होती है
मैं बुद्ध हूँ तो क्या हुआ

जाम से जाम टकराते
सुभह से शाम टकराते
वक़्त की मेहरबानी से
बदला लूंगा जवानी से
बदला लूंगा जवानी से
चाहत से पहचान इसी
मंज़िल से होती है
चाहत से पहचान इसी
मंज़िल से होती है
अरे बेमौसम बरसात
बड़ी मुश्किल से होती है
मैं बुद्ध हूँ तो क्या हुआ

किस लिए मुझ पे हस्ती है
तुम मुझे क्या समझती हो
मैं हज़ारो से बेहतर हूँ
नौजवानो से बढ़कर हूँ
नौजवानो से बढ़कर हूँ
तूफानों की इज्जत तो साहिल होती है
तूफानों की इज्जत तो साहिल होती है
अरे बेमौसम बरसात
बड़ी मुश्किल से होती है
मैं बुद्ध हूँ तो क्या हुआ.

अ नाईट इन कलकत्ता – मैं बुद्ध हूँ lyrics

Movie/album- अ नाईट इन कलकत्ता
Singers- मुहम्मद रफ़ी
Song Lyrics/Lyricis- असद भोपाली
Music Composer- उषा खन्ना
Music Director- उषा खन्ना
Music Label- सारेगामा
Movie Cast/Starring- संजीव कुमार
Release on-

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