ग़म ए आशियाना
सतायेगा कब तक
सतायेगा कब तक
मुझे मेरा दिल
यूँ रुलायेगा कब तक
मुझे मेरा दिल
यूँ रुलायेगा कब तक
ग़म ए आशियाना
सतायेगा कब तक
रुलायेगा कब तक

बना कर बिगडे है
घर तूने लाखो
बना कर बिगडे है
घर तूने लाखो
फलक यह तमाशे
दिखायेगा कब तक
फलक यह तमाशे
दिखायेगा कब तक
ग़म ए आशियाना
सतायेगा कब तक
रुलायेगा कब तक

सितम आज करते है
इंसान पे इंसान
सितम आज करते है
इंसान पे इंसान
तू इंसान को इंसान
बनाएगा कब तक
तू इंसान को इंसान
बनाएगा कब तक
ग़म ए आशियाना
सतायेगा कब तक
रुलायेगा कब तक

तेरी आज दुनिया
जहन्नुम बनी है
तेरी आज दुनिया
जहन्नुम बनी है
जहन्नुम बनी है
तू शने खुदाई
छिपायेगा कब तक
सतायेगा कब तक
मुझे मेरा दिल
यूँ रुलायेगा कब तक
मुझे मेरा दिल
यूँ रुलायेगा कब तक
ग़म ए आशियाना
सतायेगा कब तक
रुलायेगा कब तक.

| १८५७ – ग़म ए आशियाना सतायेगा कब तक lyric

Movie/album- १८५७
Singers- सुरैया जमाल शेख (सुरैया)
Song Lyrics/Lyricis- मोहन सिंह
Music Composer- सज्जाद हुसैन
Music Director- सज्जाद हुसैन
Music Label- सारेगामा
Movie Cast/Starring- निगार सुल्ताना
Release on-

See also  Laadki Lyrics in Hindi – Angrezi Medium | Rekha Bhardwaj

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *