ज़ुल्फ़ों की सुनहरी छाओं ठाले – ज़िन्दगी या तूफ़ान lyrics

उधर बालो में कहि हो रही है
ख़म निकालता है
इधर रग रग से खीच खीच कर
हमारा दम निकलता है

ज़ुल्फ़ों की सुनहरी छाओं ठाले
इक आग लगी दो दीप जले
जब पहली नज़र के तीर चले
मत पूछ की दिल पर क्या गुज़री
मत पूछ की दिल पर क्या गुज़री

जब प्यार हुए दो नैन मिले
जब आयी बहार और फूल खिले
जब बात हुई और लैब न हिले
मत पूछ की दिल पर क्या गुज़री
मत पूछ की दिल पर क्या गुज़री

इतना सा है दिल का अफसाना
अपना न हुआ इक बेगाना
नज़ारे तो मिली और दिल न मिले
कुछ उनसे हमें शिक़वे न गइले
क्या खूब मिले उल्फत के सिले
मत पूछ की दिल पर क्या गुज़री
मत पूछ की दिल पर क्या गुज़री

रह रह के तडपना घबराना
हर बात पे दिल भर भर आना
आंसू भी बहे सीना भी जले
अरमां अजब कांटो में ढले
इस प्यार से हम बे प्यार भले
मत पूछ की दिल पर क्या गुज़री
मत पूछ की दिल पर क्या गुज़री.

ज़िन्दगी या तूफ़ान – ज़ुल्फ़ों की सुनहरी छाओं ठाले lyrics

Movie/album- ज़िन्दगी या तूफ़ान
Singers- तलत महमूद
Song Lyricists- नखशब जारचवी
Music Composer- शकत ाली देहलवी (नाशाद)
Music Director- शकत ाली देहलवी (नाशाद)
Music Label- सारेगामा
Starring/Cast- प्रदीप कुमार
Release on-

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