Movie – Panipat
Composer – Ajay Atul
Singers – Ajay – Atul , Sudesh Bhosle, Kunal Ganjawala, Swapnil Bandodkar, Padmanabh Gaikwad, Priyanka Barve.
Lyricist – Javed Akhtar,
Arranger / Programmer – Ajay Atul,

Starring – Sanjay Dutt, Arjun Kapoor, Kriti Sanon, Padmini Kolhapure, Mohnish Bahl, Kunal Kapoor, Suhasini Muley, Ravindra Mahajani,
Director: Ashutosh Gowariker,
Producer: Sunita Gowariker, Rohit Shelatkar,

LYRICS IN HINDI

हे बोले धरती जयकारा
गगन है सारा गूंजा रे
जग में लहराया न्यारा
ध्वज है हमारा ऊंचा रे
हम वो योद्धा वो निडर
हम जो भी दिशा में जाएं
सारे पथ चरण छुएं और
पर्वत शीश नवाये
रास्ते से हट जाएं
नदियां होके हवाएं
हम हैं जियाले जीतने को हम
रन मैं उतरते हैं
हम सूरज हैं अंत हमी
रातों का करते हैं
युग युग की जंजीरों को हमने ही
काट रे
बोल उठा ये जग सारा
जय मर्द मराठा रे
जो रक्त है तन में बहता
वो हमसे है ये कहता
सम्मान के बदले जान भी दें
तो नही है घाटा रे
युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे
युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे
वीरता हमने बोई और ये फल पाया
दूर तक अब है फैली अपनी ही छाया
हो.. जीवन जो रणभूमि रे करता है तांडव
आज उसी ने है विजय का नगाड़ा बजाया
अपनी है जो गाथा अब है समय सुनाता
सब को है ये बताता कैसे सुख हमने बाटा रे
युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे
युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे
हम्म..
सच के सिपाही अलबेले राही
क्या जानते हो तुम
जब तुम नही थे हम कब यहीं थे
हम भी थे जैसे घूम
तुम ध्यान में थे तुम प्राण में थे
जैसे जन्म जन्म
जब तीर तुमपे बरसे तो
जैसे घायल हुए थे हम
हो.. देखो तो मुझसे कह के
मैं जान दे दूं तुम पे
क्या तुम नहीं ये जानते
दुविधा के आगे जब नारी जागे
हिम्मत से काम ले
चूड़ी उतार कंगन उतार तलवार थाम ले
मैंने ली आज शपथ है
वीरों का पथ है मेरा रे
लक्ष्य अपना जो बना लूँ
वहीं पे डालूं डेरा रे
हम वो योद्धा वो निडर
हम जो भी दिशा में जाएं
सारे पथ चरण छुएं और
पर्वत शीश नवाये
रास्ते से हट जाएं
नदियां होके हवाएं
हम हैं जियाले जीतने को हम
रन मैं उतरते हैं
हम सूरज हैं अंत हमी
रातों का करते हैं
युग युग की जंजीरों को हमने ही
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काट रे
बोल उठा ये जग सारा
जय मर्द मराठा रे
जो रक्त है तन में बहता
वो हमसे है ये कहता
सम्मान के बदले जान भी दें
तो नही है घाटा रे
युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे
युग युग की जंजीरों को हमने ही काटा रे
बोल उठा ये जग सारा जय मर्द मराठा रे

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