SAATHI HAATH BADHAANA SAATHI RE – ASHA -RAFI -SAHIR -O P NAYYAR ( NAYA DAUR 1957)-Lyrics

साथी हाथ बढ़ाना, साथी हाथ बढ़ाना , एक अकेला थक जायेगा, मिल कर बोझ उठाना , साथी हाथ बढ़ाना…,   हम मेहनतवालों ने जब भी मिलकर कदम बढ़ाया  सागर ने रस्ता छोड़ा, परबत ने सीस झुकाया  फ़ौलादी हैं सीने अपने, फ़ौलादी हैं बाहें  हम चाहें तो पैदा करदें, चट्टानों में राहें साथी हाथ बढ़ाना…   …

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