प्रथम गणराज को सुमिरूँ जो रिद्धि सिद्धि दाता है भजन लिरिक्स

जो रिद्धि सिद्धि दाता है,प्रथम गणराज को सुमिरूँ,जो रिद्धि सिद्धि दाता है।। मेरी अरदास सुन देवा,तू मूषक चढ़ के आ जाना,सभा के मध्य आकर के,हमारी लाज रख जाना,हमारी लाज रख जाना,करूँ विनती मैं झुक उनकी,माँ गौरी जिनकी माता है,प्रथम गणराज को सुमिरूं,जो रिद्धि सिद्धि दाता है।। क्रिया ना मन्त्र मैं …

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