कोनी सुख पायो रामा थारी भक्ति में भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
अपने भक्त को सुख देऊ तो सभी भक्त बन जाय।
नरक की कुण्डी खाली रहे कीड़ा किसको खाय।

~ सांवरिया जी भजन ~

ओ प्रभु जी कोनी सुख पायो,
रामा थारी भक्ति में। २
औजी थारी भक्ति में रामा ,
थारी भक्ति में। ….

मित्र सुदामा मित्र तुम्हारे ,
मांग मांग अन्न खायो,
मेरे रामा। …. २
हरिचंद संग बानी राजा ,
वाने तो नीच घर नीर तो भरायो
रामा थारी भक्ति में…
ओ प्रभु जी कोनी सुख पायो,
रामा थारी भक्ति में। २
औजी थारी भक्ति में रामा ,
थारी भक्ति में। ….

संत रूप धर के प्रभु जी,
मोरध्वज द्वारे आया ,
मेरे प्रभु जी। २
एक भूखा सिंह के खातिर,
औजी रतन कवर ने राजा ,
रानी से चुरायो ,
रामा थारी भक्ति में..
ओ प्रभु जी कोनी सुख पायो,
रामा थारी भक्ति में। २
औजी थारी भक्ति में रामा ,
थारी भक्ति में। ….

बावन रूप धर के प्रभु जी,
बलि के द्वारे आये। २
तीन पावंडा धरती नापी ,
राजा बलि ने प्रभु जी ,
पाताल पठायो ,
रामा थारी भक्ति में…..
ओ प्रभु जी कोनी सुख पायो,
रामा थारी भक्ति में। २
औजी थारी भक्ति में रामा ,
थारी भक्ति में। ….

तुलसी दास आसा रघुवर की,
हरस हरस गुण ,
गायो मेरे रामा। २
अपने भक्त को दुःख देवे प्रभु जी ,
ओ प्रभु जी कोनी सुख पायो,
रामा थारी भक्ति में। २
औजी थारी भक्ति में रामा ,
थारी भक्ति में। ….

ओ प्रभु जी कोनी सुख पायो,
रामा थारी भक्ति में। २
औजी थारी भक्ति में रामा ,
थारी भक्ति में। ….

koni sukh payo rama thari bhakti me bhajan gopal das vaishnav bhajan कोनी सुख पायो रामा थारी भक्ति में

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