चेत रे नर चेत कबीर चेतावनी भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
आछे दिन पाछे गये ,गुरु से किया नहीं हेत।
अब पछतावे क्या करें, जब चिड़िया चुग गयी खेत

चेत रे नर चेत रे ,
थारो चिड़िया चुग गयी खेत रे।
नर नुगरा रे…..।
अब तो मन में चेत रे ,
तू अब तो दिल में चेत रे।

थारे गुरु के नाम से आंटी ,
अब कुण चढ़ावे थारी घाटी।
नर नुगरा रे…..।
अब तो मन में चेत रे ,
तू अब तो दिल में चेत रे।
चेत रे …..

थारे गुरूजी बतावेगा भेद रे ,
ज्यासे कटे करम की रेख रे।
नर नुगरा रे…..।
अरे अब तो मन में चेत रे ,
हाँ अब तो दिल में चेत रे।
चेत रे …..

थोड़ो समझ देख ले आखिर रे ,
अब ढाढर खहिज्यो आखिर रे।
नर नुगरा रे…..।
अरे अब तो मन में चेत रे ,
हाँ अब तो दिल में चेत रे।
चेत रे …..

गुरु चरण दास की वाणी रे।
जिन सार शब्द पहचानी रे।
नर नुगरा रे…..।
एजी अब तो मन में चेत रे
हाँ अब तो दिल में चेत रे

चेत रे नर चेत रे ,
थारो चिड़िया चुग गयी खेत रे।
नर नुगरा रे…..।
अब तो मन में चेत रे ,
तू अब तो दिल में चेत रे।

प्रहलाद सिंह टिपानिया भजन | prahlad singh tipaniya bhajan video

चेत रे नर चेत कबीर चेतावनी भजन chet re nar chet re chidiya chug gayi khet prahlad singh tipaniya bhajan
कबीर भजन माला हिंदी lyrics
भजन :- चेत रे नर चेत रे
गायक :- प्रह्लाद सिंह टिपान्या

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