जय गणेश गणनाथ दयानिधि भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
सुर दो माता सरस्वती , गुरुवर दो माने ज्ञान।
अन्न दो माता धरती ,जल बरसो इंद्र भगवान।

जय गणेश गणनाथ दयानिधे ,
सकल विघन कर दूर हमारे।

प्रथम धरे जो ध्यान तुम्हरो ,
तिन के पूरण कारज सारे।
जय गणेश गणनाथ दयानिधे ,
सकल विघन कर दूर हमारे।

लम्बोदर गजबदन मनोहर ,
कर त्रिशूल परशु वर धारे।
जय गणेश गणनाथ दयानिधे ,
सकल विघन कर दूर हमारे।

रिद्धि सिद्धि दोऊ चंवर ढुलावे ,
मूषक वाहन परम सुरवारे।
जय गणेश गणनाथ दयानिधे ,
सकल विघन कर दूर हमारे।

ब्रहादिक सुर ध्यावत मन में ,
ऋषि मुनि गण सब दास तुम्हारे।
जय गणेश गणनाथ दयानिधे ,
सकल विघन कर दूर हमारे।

ब्रहानन्द सहाय करो नित ,
भक्त जनो के तुम रखवारे।
जय गणेश गणनाथ दयानिधे ,
सकल विघन कर दूर हमारे।

osman mir bhajan lyrics Music video Song

जय गणेश गणनाथ दयानिधि भजन, jay ganesh gannath daya nidhi ganesh ji song lyrics in hindi
गजानन जी के भजन लिरिक्स
भजन :- जय गणेश गणनाथ दयानिधे
गायक :- ओस्मान मीर

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