निज मंदरिया में रमता पधारो गणपति भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
वक्रतुण्ड महाकायः , सूर्यकोटि समप्रभः ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव , सर्वकार्येषु सर्वदा ।।

रमता पधारो गणपति जी ,
निज मन्दिरिया में रमता पधारो गणपति ।
धूपखेवूला अगरबत्ती जी ,
निज मन्दिरियाँ में खेलता पधारो गणपति ।।

राम पधारो देवा लक्ष्मण आवोजी ।
संगमाँहि लावो , सियासतीजी ,
निज आँगणिया में रमता पधारोगणपति ।।

ब्रह्मापधारो देवा विष्णुपधारो जी ।
संग माँहि लावो , सरस्वती जी ,
निज मन्दिरियाँ में खेलता पधारोगणपति ।।

मुरली बजावत देवा कृष्ण पधारो जी ।
संग माँहि लावो , राधाराणीजी ,
निज मन्दिरियाँ में खेलता पधारोगणपति ।।

डमरू बजावत देवा शिवजी पधारो जी ।
संगमाहिलावो , पारवतीजी ,
निज मन्दिरियाँ में खेलता पधारोगणपति ॥

रणत भवन से गजानन आप पधारोजी ।
संगमाँहि लावो , रिद्धि – सिद्धिजी ,
निज मन्दिरियाँ में खेलता पधारोगणपति ।।

हस्तिनापुर से पाँचूपांडव पधारो जी ।
संगमाँहि लावोद्रोपदी जी ,
निज मन्दिरियाँ में खेलता पधारो गणपति ।।

बाई मीरांगावे प्रभु गिरधर रागुण जी ।
दीजो म्हाने चरणां रीभक्ति ,
निज मन्दिरियाँ में खेलतापधारो गणपति ।।

निज मंदरिया में रमता पधारो गणपति भजन लिरिक्स nij mandiriya mein ramta padharo ganpati bhajan lyrics

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