नैनो से नैना मिलाये चुपके से चित्त को चुराए भजन लिरिक्स

नैनो से नैना मिलाये,
चुपके से चित्त को चुराए,
बिहारी मेरा छैल छबीला,
बिहारी मेरा रंग रंगीला,
नैनो से नैना मिलाए,
चुपके से चित्त को चुराए।।

यमुना के तीरे तीरे,
मुरली बजाए धीरे,
नन्द का दुलारा सखी,
टेढ़ी टांग वारो री,
खड़ा मंद मंद मुस्काए,
चुपके से चित्त को चुराए,
बिहारी मेरा छैल छबीला,
बिहारी मेरा रंग रंगीला,
नैनो से नैना मिलाए,
चुपके से चित्त को चुराए।।

नैन है नशीले भौहें,
तिरछी कटारी है,
मोर मुकुट शीश,
घुंघराले बाल री,
पीला पटका फेहराये,
चुपके से चित्त को चुराए,
बिहारी मेरा छैल छबीला,
बिहारी मेरा रंग रंगीला,
नैनो से नैना मिलाए,
चुपके से चित्त को चुराए।।

सांवरा सलोना रूप,
रस का है सागर,
वर्णन करते करते,
रसना भी हारी,
कर कर के इशारे बुलाये,
चुपके से चित्त को चुराए,
बिहारी मेरा छैल छबीला,
बिहारी मेरा रंग रंगीला,
नैनो से नैना मिलाए,
चुपके से चित्त को चुराए।।

अमर बिहारी मेरो,
अटल सुहाग री,
कैसे सराहना करूँ,
‘गोपाली’ के भाग की,
सबको पागल कर जाए,
चुपके से चित्त को चुराए,
बिहारी मेरा छैल छबीला,
बिहारी मेरा रंग रंगीला,
नैनो से नैना मिलाए,
चुपके से चित्त को चुराए।।

नैनो से नैना मिलाये,
चुपके से चित्त को चुराए,
बिहारी मेरा छैल छबीला,
बिहारी मेरा रंग रंगीला,
नैनो से नैना मिलाए,
चुपके से चित्त को चुराए।।

Leave a Reply