संगत करो निर्मल सादरी भजन लिरिक्स

॥ दोहा ॥
संगत करणी संत री , क्या नुगरा से काम ।
नुगरा ले जावे नारगी , संत मिलावे राम

संगत करो नी निर्मल साधु री ,
आवागमन मिट जाय ।
जनम मरण मिट जाय हेली ,
आवागमन मिट जाय ॥

चंदन उग्यो रे हरिया बाग में म्हारी हेली ,
खुशी भई वनराय ।
आप सुंगध औरों ने करे म्हारी हेली ,
रही रे सुगंधी छाय ॥
संगत करो नी । ….

बांस उग्यो रे डर डूंगरे म्हारी हेली ,
थरक रही वनराय ।
आप बळे औरों ने बाळसी म्हारी हेली ,
कपट गांठ घट माँय ॥
संगत करो नी । ….

दव लागी डावा गरे म्हारी हेली ,
मिल गई झाळो झाळ ।
और पंखेरू सब उड़ गया म्हारी हेली ,
हंसला रे बैठा डाळ ।
संगत करो नी । ….

चंदन हंस मुख सूं बोलियो म्हारी हेली ,
थे क्यूं जळो हंसराज ।
म्हें तो जळों बिना पांखियाँ म्हारी हेली ,
जड़ है पताळां माँय ॥
संगत करो नी । ….

फल खाया पान पिरोलिया म्हारी हेली ,
रमिया डाळो डाळ ।
थे तो जळो म्हें क्यों ऊबरो म्हारी हेली ,
जिवणो है कितरा साल ॥
संगत करो नी । ….

चन्दन हंस रो प्रेम देखने म्हारी हेली ,
दूधां बरस्यो मेह ।
कहे कबीरसा धर्मीदास ने म्हारी हेली ,
नित नित नवला वेश ।
संगत करो नी । ….

देसी भजन लिरिक्स | प्रकाश माली का भजन video

संगत करो निर्मल सादरी sangat karo ni nirmal sadri, heli bhajan lyrics, हेली का भजन, प्रकाश माली का भजन,देसी भजन लिरिक्स
भजन :- संगत करो निर्मल साध री
गायक :- प्रकाश माली

Leave a Reply