हरि गुण गायले रे जब तक सुखी शरीर भजन लिरिक्स

। दोहा ।।
तुसी साथी विपत्ति के, विद्या विनय विवेक ।
साहस सुकृति सुसत्यव्रत, राम भरोसे एक ।।

राम गुण गायले रे भाई म्हारा ,
जब लग सुखी रे रीर।
हरी गुण गायले रे भाई म्हारा,
जब लग सुखी रे शरीर।
पीछे याद नहीं आवसी रै,
पिंजरे व्यापे पीर।
राम गुण गायले रे भाई म्हारा ,
जब लग सुखी रे शरीर।

भाग भला म्हाने सतगुरु मीलीया है,
पङीयो समंद मे शीर।
हंसा होय चूग लीजीये रे ,
नाम अमोलक हीर।
राम गुण ….

बालपने भज लीजीए रै ,
देर न कीजे वीर।
अंत बूढापो आवसी रै,
मनवो धरे ना धीर।
राम गुण ….

अवसर जाय बीतो दीनो दिन ,
ज्यो अंजलि रो नीर।
फैर ना हंसा आवसी रे,
मान सरोवर तीर।
राम गुण ….

सब देवा रो देव रामजी ,
सब पीरा रो पीर।
केवे कबीर भज लीजिए रे,
रामजी सुक री सीर।
राम गुण ….

राम गुण गायले रे भाई म्हारा ,
जब लग सुखी रे शरीर।
हरी गुण गायले रे भाई म्हारा,
जब लग सुखी रे शरीर।
पीछे याद नहीं आवसी रै,
पिंजरे व्यापे पीर।
राम गुण गायले रे भाई म्हारा ,
जब लग सुखी रे शरीर।

sunita swami ke bhajan video

हरि गुण गायले रे जब तक सुखी शरीर Ram Gun Gayle Re bhajan ram ji ke bhajan lyrics in hindi
राम जी के भजन लिरिक्स in hindi
भजन :- हरि गुण गायले रे
गायिका :- सुनीता स्वामी

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