हूं लड़यो घणो मेवाड़ी आन बचावण ने भजन लिरिक्स

। दोहा ।।
्दीघाटी मे रक्त बहा जब,कण कण उसका बोला।
मुगलों की ताकत को उसने, तलवारो पर तोला।

हूँ लड्यो घणो हूँ सहयो घणो,
मेवाडी मान बचावण ने।
पण आच नही राखी रण में,
बैरया रो खून बहावण ने।
जय हो महाराणा, जय हो महाराणा।

जद याद करू हल्दीघाटी,
नैणा सु रक्त उतर आवे।
सुख दुख रो साथी चेतकडो,
सूती सी होक जगा जावे।
जय हो महाराणा, जय हो महाराणा।

म्हारो रण में रक्त उबल जावे,
म्हारो चेतक धरा ने पलटावे।
केसरिया रग रग में चढायो,
हल्दीघाटी रा टीला है।
म्हारा वीर घणा भडकीला हैै।
वीरा री आ बाता बता दूँ।

आ हाथा में तलवार थका,
कुल रा केवेला रजपूती।
मेण्या रे बदले बैर्या रे,
छाती मे रेवेला सूती।
मै रजपूतन रो जायो हूँ,
रजपूती आण बचावुला।
िश पडे पर पाग नही,
आ आचो धर्म निभाऊला।

तू राख भरोसा ए मायड़ ,
थारी आण कदेनी झुकवादु।
आ जीवन है थारे हवाले।
माटी रो कर्ज चुकावुला,
अकबर रो शिश झुकावुला,
बचनो है तो बचने दिखा दे।
पीतल रे खिवता बादल री,
जो रोके शूर उगाली ने।
सिंहा री हातल सहलेवे,
वा धोक मिली कद श्याली ने।

राखो वो मुछ्या वेटुडी,
लोया री नदी बहा दुला।
मै कथक लडूला अकबर सु,
उजड्यो मेवाड़ बसा दुला।

हूँ लड्यो घणो हूँ सहयो घणो,
मेवाडी मान बचावण ने।
पण आच नही राखी रण में,
बैरया रो खून बहावण ने।
जय हो महाराणा, जय हो महाराणा।

chotu singh rawna bhajan

हूं लड़यो घणो मेवाड़ी आन बचावण ने hu ladyo ghano hu sahyo ghano maharana pratap bhajan lyrics in hindi
महाराणा प्रताप भजन लिरिक्स
भजन :- हूँ लड्यो घणो हूँ सहयो घणो
गायक :- छोटू सिंह रावणा

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